/किशोरों में सोशल मीडिया के स्वस्थ उपयोग को बढ़ावा देगा ICMR का बहु-शहरी अध्ययन

किशोरों में सोशल मीडिया के स्वस्थ उपयोग को बढ़ावा देगा ICMR का बहु-शहरी अध्ययन

चंडीगढ़ 18 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा वित्त पोषित एक बहु-शहरी अध्ययन किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग से जुड़े स्वास्थ्य एवं सामाजिक मुद्दों को समझने और स्वस्थ डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PGIMER, चंडीगढ़ में संचालित किया जा रहा है।

इस परियोजना का नेतृत्व PGIMER के कम्युनिटी मेडिसिन एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तन्वी किरण बतौर प्रधान अन्वेषक कर रही हैं। शोध दल में विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. अरुण के. अग्रवाल, प्रोफेसर डॉ. मधु गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कपिल गोयल तथा मनोचिकित्सा विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. असीम मेहरा सह-प्रधान अन्वेषक हैं।

अध्ययन का प्रोटोकॉल हाल ही में प्रतिष्ठित पीयर-रिव्यू जर्नल PLOS ONE में ओपन-एक्सेस शोध लेख के रूप में प्रकाशित हुआ है। 7 अगस्त 2026 को प्रकाशित इस शोध पत्र की प्रथम लेखिका डॉ. तन्वी किरण हैं, जबकि रिसर्च साइंटिस्ट-II दिव्या शर्मा संबंधित लेखिका हैं।

अध्ययन में किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग से जुड़े तीन प्रमुख क्षेत्रों—बच्चों एवं परिवार के बीच संबंध, शराब से संबंधित व्यवहार तथा यौन स्वास्थ्य—पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

शोधकर्ता केवल स्क्रीन टाइम कम करने पर जोर देने के बजाय सोशल मार्केटिंग एवं व्यवहार परिवर्तन की रणनीतियों का उपयोग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य लक्षित संवाद, व्यवहार संबंधी रणनीतियों और डिजिटल जागरूकता के माध्यम से किशोरों में स्वस्थ एवं जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग को बढ़ावा देना है।

अध्ययन चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के कुल 12 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में किया जा रहा है। प्रत्येक शहर से दो सरकारी और दो निजी विद्यालयों को शामिल किया गया है।

अध्ययन में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के 1,260 किशोर शामिल होंगे। प्रत्येक शहर से लगभग 420 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

परियोजना अब हस्तक्षेप चरण में प्रवेश कर चुकी है और चयनित विद्यालयों में पहले महीने का हस्तक्षेप कार्यक्रम चल रहा है। तीन महीने के इस कार्यक्रम में प्रत्येक माह एक सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसकी अवधि लगभग एक से डेढ़ घंटे है।

मैदानी स्तर पर कार्यक्रम का संचालन दिव्या शर्मा, प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट-II के नेतृत्व में किया जा रहा है। टीम में लक्ष्य जगलान, टेक्निकल सपोर्ट-III, अश्रजदीप सिंह, पीएचडी स्कॉलर तथा तमन्ना कुमारी, फील्ड स्टाफ शामिल हैं।

शोध दल के अनुसार, अध्ययन से यह समझने में मदद मिलेगी कि सोशल मार्केटिंग और व्यवहार परिवर्तन आधारित हस्तक्षेप किस प्रकार किशोरों में सोशल मीडिया के स्वस्थ उपयोग को बढ़ावा दे सकते हैं तथा पारिवारिक संबंधों, शराब से जुड़े व्यवहार और यौन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को संबोधित कर सकते हैं।

अध्ययन का अंतिम उद्देश्य किशोरों को सोशल मीडिया के साथ स्वस्थ संबंध विकसित करने, परिवार के साथ मजबूत जुड़ाव बनाए रखने तथा तेजी से डिजिटल होती दुनिया में सूचित और जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।