/देहरा के दुर्गेश अरण्य अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 4 करोड़ रुपये की थीमैटिक गार्डन परियोजना का शुभारंभ

देहरा के दुर्गेश अरण्य अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 4 करोड़ रुपये की थीमैटिक गार्डन परियोजना का शुभारंभ

शिमला, 24 जुलाई,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के देहरा स्थित दुर्गेश अरण्य अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान में विकसित किए जाने वाले महत्वाकांक्षी थीमैटिक गार्डन परियोजना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने परियोजना के कार्यान्वयन के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के माध्यम से मुख्य वन्यजीव संरक्षक, हिमाचल प्रदेश को 4 करोड़ रुपये जारी किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 22,247 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह थीमैटिक गार्डन आगंतुकों को प्रदेश की विविध वनस्पतियों और प्राकृतिक धरोहर से रूबरू कराएगा।

परियोजना के तहत फिकेरियम में फाइकस की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि आर्बोरेटम में देशी और विदेशी पेड़ों का संग्रह विकसित किया जाएगा। इसके अलावा एक वॉच टावर बनाया जाएगा, जहां से आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकेगा।

बैंबूसेटम में विभिन्न बांस प्रजातियों को प्रदर्शित कर उनकी पारिस्थितिकीय, आर्थिक उपयोगिता और सतत विकास में भूमिका को दर्शाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह थीमैटिक गार्डन संरक्षण जागरूकता, पर्यावरण शिक्षा, अनुभवात्मक शिक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को हिमाचल की जैव विविधता को समझने का उत्कृष्ट अवसर मिलेगा।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड और वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि परियोजना पूर्ण होने पर यह देश में जैव विविधता संरक्षण और ईको-टूरिज्म का एक आदर्श केंद्र बनकर उभरेगी।
इस अवसर पर पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील कुमार सिंगला, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद, विभाग के निदेशक एवं हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव पुष्पेंद्र राणा, संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. सुरेश सी. अत्री सहित वन विभाग एवं जैव विविधता बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।