किसानों की आय बढ़ाने का दावा।
नई दिल्ली 10अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
सहजयोग नेशनल ट्रस्ट से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा प्रकाशित शोध पत्र “Status of Research and Development of Sahajkrishi and Future Strategies” में दावा किया गया है कि सहजकृषि तकनीक से फसलों की वृद्धि, उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
शोध पत्र में बताया गया है कि विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों तथा किसानों के स्तर पर किए गए प्रयोगों में कई फसलों के उत्पादन में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
शोध के अनुसार, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में किए गए परीक्षणों में गेहूं, धान, मूंग, कपास, मक्का, प्याज, लहसुन, अंगूर और अनार जैसी फसलों में उत्पादन एवं पौधों की वृद्धि में सुधार दर्ज किया गया।
दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख है कि 1.5 लाख से अधिक किसानों को सहजकृषि से परिचित कराया गया तथा अनेक राज्यों में प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 16 से अधिक राज्यों के 2–3 लाख किसानों द्वारा सहजकृषि अपनाए जाने का दावा किया गया है। इसमें किसानों के अनुभवों के आधार पर 14 से 50 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि, बेहतर गुणवत्ता और पशुपालन में भी सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया गया है।
शोध पत्र में भविष्य की रणनीति के तहत कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों में और अधिक वैज्ञानिक परीक्षण, किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों का गठन तथा व्यापक प्रचार-प्रसार की सिफारिश की गई है।
साथ ही केंद्र सरकार से सहजकृषि के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है।








