सहज योग के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के मिलन का अनुभव करने का वैज्ञानिक तरीका।
शिमला /नालागढ़ 15 मार्च
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ शास्त्री /सोहन लाल शर्मा
मनुष्य जीवन नश्वर है इसके अंदर आत्मा का वास ही वास्तविकता है और आत्मा और परमात्मा के मिलन से ही मोक्ष प्राप्त होती है सहज योग के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के मिलन का अनुभव वैज्ञानिक तरीकों से आप अपने हाथों पर महसूस कर सकते हैं।
मानव शरीर के बारे में शास्त्री सोहनलाल शर्मा द्वारा एक लेख प्रस्तुत किया गया है जो आपके समक्ष पेश किया जा रहा है।
अर्थी पर पड़े हुए शव पर लाल कपड़ा बाँधा जा रहा है। गिरती हुई गरदन को सँभाला जा रहा है।
पैरों को अच्छी तरह रस्सी बाँधी जा रही है, कहीं रास्ते में मुर्दा गिर न जाए। गर्दन के इर्दगिर्द भी रस्सी के चक्कर लगाये जा रहे हैं।
पूरा शरीर लपेटा जा रहा है। अर्थी बनाने वाला बोल रहा है: ‘तू उधर से खींच’ दूसरा बोलता है : ‘मैने खींचा है, तू गाँठ मार।’
लेकिन यह गाँठ भी कब तक रहेगी? रस्सियाँ भी कब तक रहेंगी? अभी जल जाएँगी और रस्सियों से बाँधा हुआ शव भी जलने को ही जा रहा है बाबा! धिक्कार है इस नश्वर जीवन को!
धिक्कार है इस नश्वर देह की ममता को! धिक्कार है इस शरीर के अभिमान को!
अर्थी को कसकर बाँधा जा रहा है। आज तक तुम्हारा नाम सेठ, साहब की लिस्ट (सूची) में था। अब वह मुर्दे की लिस्ट में आ गया।
लोग कहते हैं ‘मुर्दे को बाँधो जल्दी से।’ अब ऐसा नहीं कहेंगे कि ‘सेठ को, साहब को, मुनीम को, नौकर को, संत को, असंत को बाँधो…’ पर कहेंगे, ‘मुर्दे को बाँधो।’
हो गया हमारे पूरे जीवन की उपलब्धियों का अंत। आज तक हमने जो कमाया था वह हमारा न रहा।
आज तक हमने जो जाना था वह मृत्यु के एक झटके में छूट गया। हमारे इन्कम टेक्स (आयकर) के कागजातों को, हमारे प्रमोशन और रिटायरमेन्ट की बातों को, हमारी उपलब्धि और अनुपलब्धियों को सदा के लिए अलविदा होना पड़ा।
हाय रे मनुष्य! तेरा श्वास! हाय रे तेरी कल्पनाएँ! हाय रे तेरी नश्वरता! हाय रे मनुष्य; तेरी वासनाएँ!
आज तक इच्छाएँ कर रहा था कि इतना पाया है और इतना पाँऊगा, इतना जाना है और इतना जानूँगा, इतना को अपना बनाया है और इतनों को अपना बनाँऊगा, इतनों को सुधारा है, औरों को सुधारुँगा।
अरे! हम अपने को मौत से तो न बचा पाए! अपने को जन्म मरण से भी न बचा पाए! देखी तेरी ताकत! देखी तेरी कारीगरी बाबा !
हमारा शव बाँधा जा रहा है। हम अर्थी के साथ एक हो गये हैं। शमशान यात्रा की तैयारी हो रही है। लोग रो रहे हैं।
चार लोगों ने अर्थी को उठाया और घर के बाहर हमें ले जा रहे हैं। पीछे-पीछे अन्य सब लोग चल रहे हैं।
कोई स्नेहपूर्वक आया है, कोई मात्र दिखावा करने आये है। कोई निभाने आये हैं कि समाज में बैठे हैं तो पाँच-दस आदमी सेवा के हेतु आये हैं। उन लोगों को पता नही कि उनकी भी यही हालत होगी।
अपने को कब तक अच्छा दिखाओगे? अपने को समाज में कब तक ‘सेट’ करते रहोगे? सेट करना ही है तो अपने को परमात्मा में ‘सेट’ क्यों नहीं करते भैया?
दूसरों की शवयात्राओं में जाने का नाटक करते हो? ईमानदारी से शव यात्राओं में जाया करो।
अपने मन को समझाया करो कि तेरी भी यही हालत होनेवाली है। तू भी इसी प्रकार उठनेवाला है, इसी प्रकार जलनेवाला है।
बेईमान मन! तू अर्थी में भी ईमानदारी नहीं रखता? जल्दी करवा रहा है? घड़ी देख रहा है? ‘आफिस जाना है… दुकान पर जाना है…’
अरे! आखिर में तो शमशान में जाना है ऐसा भी तू समझ ले। आफिस जा, दुकान पर जा, सिनेमा में जा, कहीं भी जा लेकिन आखिर तो शमशान में ही जाना है। तू बाहर कितना जाएगा?
क्षण-क्षण हरि स्मरण में ही व्यतीत करो! पल-पल मृत्यु की और बढ़ रहे हो और संसार में बेहोश हो।
अभी समय है इसलिए हे जीव जागो और भगवद् भक्ति की ओर अग्रसर हो।
तमस मिटे, श्री बढे, खुले सभी, प्रगति द्वार!
सोहनलाल शर्मा शास्त्री के लेख में स्पष्ट किया है कि मानव का जीवन नश्वर है केवल आत्मा की सत्य है।
उधर सहज योग के अनुयाई हिमाचल के समन्वयक राहुल लांबा ने इस बारे में बताया कि सहज योग द्वारा आत्मा और परमात्मा का मिलन करवाया जाता है जिसका अनुभव वैज्ञानिक तरीके से मानव अपने हाथों पर व सस्त्रार में भी महसूस कर सकता है और यह सब सहज योगा की संस्थापिका श्री माताजी निर्मला देवी ने मानव जीवन में रहते हुए इस विज्ञान को सार्वजनिक किया है और आज दुनिया के 180 से ज्यादा देशों में निशुल्क सहज योगा द्वारा लोग अपनी कुंडली जीवात्मा के बारे में अनुभव कर रहे हैं और इसकी वैज्ञानिक प्रमाणित अनुभव करने वालों को प्राप्त हो रही हैं ।इस बारे में बहुत से विश्वविद्यालय में रिसर्च की जा चुकी है।

हिमाचल में भी सहज योग को सीखने के लिए कोई भी सहज योग के टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 पर संपर्क करने के अलावा हिमाचल के समन्वयक राहुल लांबा के व्यक्तिगत नंबर 9418 155 252 पर संपर्क कर सकते हैं इसके अलावा sahaj yoga.com वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति निशुल्क अपने घर में जीवन यापन करते हुए बिना किसी भेदभाव के निशुल्क अपने घर पर आत्मा और परमात्मा के मिलन की विधि को निशुल्क कर सकता है। हिम नयन न्यूज़ न्यूज़ के संपादक के नंबर 9418 45 0853 पर भी इस बारे में जानकारी के लिए संपर्क किया जा सकता है।










