कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा— जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी उचित कार्रवाई
नालागढ़, 20 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के माजरा स्थित शिवालिक वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के ठोस अपशिष्ट उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने संयंत्र से प्रभावित माजरा और दभोटा गांवों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा भी उनके साथ मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक हरदीप सिंह बावा ने विधानसभा के पिछले सत्र में नियम 62 के तहत इस मामले को उठाया था। इसी के मद्देनजर वह मौके पर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित लोगों की शिकायतों को समझने पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों, संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट और ग्रामीणों की शिकायतों का समुचित आकलन किया जाएगा।

आवश्यकता पड़ने पर शिमला में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर चर्चा की जाएगी और तथ्यों के आधार पर प्रदेश सरकार को उचित कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कंपनी प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण संबंधी शिकायतों तथा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली।

उन्होंने कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए कि जांच संस्थान की रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वर्तमान में लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट और कंपनी की स्थापना के बाद से समय-समय पर की गई सैंपलिंग का पूरा रिकॉर्ड मांगा, ताकि मामले का निष्पक्ष एवं विस्तृत आकलन किया जा सके।
इसके बाद उन्होंने संयंत्र के लैंडफिल क्षेत्र का निरीक्षण किया और कंपनी से लगभग 200 मीटर दूर दभोटा व माजरा गांवों के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए विरोध शिविर में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। धरने पर बैठी महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों और संबंधित पक्षों से हुई चर्चा के आधार पर प्रदूषण से जुड़ा मामला प्रारंभिक तौर पर गंभीर और चिंताजनक प्रतीत होता है।

कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि औद्योगिक इकाइयां आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन यदि किसी इकाई की गतिविधियों से मानव जीवन, जनस्वास्थ्य, पर्यावरण या वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो उसका निराकरण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के विचाराधीन होने के कारण आगे की कार्रवाई में संबंधित कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है।

इसके बावजूद मामले से जुड़े तथ्यों का समुचित आकलन कर समाधान की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों ने विधानसभा अध्यक्ष को संयंत्र से संबंधित प्रदूषण की शिकायतों तथा बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों के बारे में अवगत करवाया।

उन्होंने मांग की कि कंपनी की लीज अवधि समाप्त होने के बाद उसे आगे न बढ़ाया जाए और क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

विधायक हरदीप सिंह बावा ने विधानसभा अध्यक्ष को माजरा और दभोटा गांवों के लोगों की समस्याओं तथा कंपनी से संबंधित शिकायतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में पहले भी उठा चुके हैं और संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

विधायक ने प्रभावित क्षेत्र में सरकारी पेयजल योजनाओं के साथ-साथ बोरवेल, निजी और अन्य स्थानीय जल स्रोतों से भी पानी के नमूने लेकर जांच करवाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए, ताकि जल गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने हवा और पानी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने तथा कंपनी की लीज अवधि समाप्त होने के बाद उसे आगे न बढ़ाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर नालागढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बाबूराम, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सचिव यशपाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव सुशील सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशु सिंगल, पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान, एसडीएम नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि, माजरा संघर्ष समिति की अध्यक्ष रीता देवी और प्रभावित गांवों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








