/शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा, उनकी विरासत हमारी जिम्मेदारी: डीजीपी अशोक तिवारी

शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा, उनकी विरासत हमारी जिम्मेदारी: डीजीपी अशोक तिवारी

भराड़ी पुलिस मैदान में पुलिस स्मृति दिवस समारोह आयोजित, वीर पुलिस जवानों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

शिमला, 21 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार को शिमला के भराड़ी पुलिस मैदान में पुलिस स्मृति दिवस पूरे सम्मान और गंभीरता के साथ मनाया।

इस अवसर पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

समारोह का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, आईपीएस ने किया। इस दौरान पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न इकाइयों के जवानों ने शहीदों को नमन किया।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने अपने संदेश में पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।

उन्होंने देशसेवा में अपने प्रियजनों को खोने वाले शहीदों के परिवारों के त्याग और धैर्य को भी नमन किया।


मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में कहा कि कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस जवानों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पेशेवर, संवेदनशील, उत्तरदायी एवं जनहितैषी पुलिस व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

समारोह में सशस्त्र सलामी, औपचारिक परेड, शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन और पुष्पचक्र अर्पित करने की रस्में निभाई गईं। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

शहीदों के नामों का वाचन करते हुए उनके साहस और बलिदान के साथ-साथ उनके परिवारों के त्याग को भी याद किया गया।

पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रत्येक शहीद के पीछे साहस से भरा जीवन, अपूरणीय क्षति सहने वाला परिवार और ऐसा बलिदान है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। इन वीर जवानों ने वर्दी के सर्वोच्च आदर्शों को अपने जीवन में उतारा और दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए।

उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र अपने वीरों को गर्व के साथ याद करता है, लेकिन उनके परिवार हर दिन उनके बिछड़ने का दर्द सहते हैं। ऐसे में शहीद परिवारों का कल्याण, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करना पुलिस संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहना चाहिए।

देशभर में प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 सीआरपीएफ जवानों की स्मृति में मनाया जाता है।

समय के साथ यह दिवस राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक बन गया है।

पुलिस स्मृति दिवस हमें याद दिलाता है कि पुलिस शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा है। उनकी सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस बल को जनसुरक्षा तथा राष्ट्रसेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने का संदेश देती है।