भारत पशुधन ऐप चलाने के लिए दी जाए मूलभूत सुविधा: रवि पाल ठाकुर
शिमला 9 अगस्त,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /नयना वर्मा
रिक्त पड़ी पशु डिस्पेंसरी में वेटरनरी फार्मासिस्ट तैनात किया जाए: हरीश कुमार

पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश नेगी ,वरिष्ठ उपप्रधान मनजीत परमार, महासचिव रवि पाल ठाकुर राज्य के मीडिया प्रभारी व जिला सोलन के प्रधान हरीश कुमार ने प्रेस के नाम दिए बयान में कहां है कि पशुपालन विभाग को पत्र लिखकर व ईमेल के माध्यम से आगाह किया है कि पशुपालन विभाग मैं लगे वेटरनरी फार्मासिस्ट को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करें अन्यथा दिनांक 21 अगस्त 2023 को संपूर्ण रुप से ऑनलाइन काम करना बंद कर दिया जाएगा जिसकी जिम्मेवारी पशुपालन विभाग की होगी! उन्होंने कहा है कि जिला स्तर पर व राज्य स्तर पर पशुपालन विभाग से लगातार मांग की जा रही है कि भारत पशुधन ऐप चलाने के लिए उच्च कोटि के एंड्राइड मोबाइल फोन ,नेट पैक हर एक पशु संस्थान में कंप्यूटर व कंप्यूटर चलाने की ट्रेनिंग दी जाए या जिला भर में पशु चिकित्सालय में डाटा ऑपरेटर रखें जाए ताकि भारत पशुधन ऐप चलाने की ऑनलाइन की प्रक्रिया का कार्य तेजी से किया जा सके अन्यथा सूबे के वेटनरी फार्मासिस्ट को मजबूरन संघर्ष व कानून का रास्ता अपनाना पड़ेगा जिसकी जिम्मेवारी विभाग की होगी! उन्होंने कहा है कि भारत पशुधन ऐप की समस्या व मूलभूत सुविधाओं के लिए पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार जी को भी अवगत करवा दिया गया है !
उन्होंने कहा है कि पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ पंजीकृत महासंघ है जिसकी सूचना रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन लेबर ऑफिसर/ श्रम कार्यालय शिमला को भी अवगत करवा दिया है ! पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ ने पशुपालन विभाग को आगाह किया है कि 21 अगस्त 2023 को सुबे के वेटरनरी फार्मासिस्ट को ऑनलाइन काम करने के लिए मूलभूत सुविधा प्रदान करें अन्यथा कर्मचारियो को संघर्ष /कानून का रास्ता अपनाना होगा! महासंघ ने कहा है पशु को हैंडल करने ,कान में नया टैग लगाने पशु को पंजीकृत करने के लिए मेन पावर ,एंड्राइड मोबाइल फोन, नेट पैक व हर एक पशु डिस्पेंसरी के लिए कंप्यूटर उपलब्ध करवाएं जाए!
हर एक पशुपालक को घर द्वार पर सुविधा दे रहे हैं इसके बावजूद भी पशुपालन विभाग वेटरनरी फार्मासिस्ट को मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं कर रहा है! हरीश कुमार ने कहा है की पशु पंचायत सहायकों को मातृ 7000 से 12000 के बीच में ही वेतन मिलता है जबकि पशु पंचायत सहायक अपनी सेवाएं 10 से 12 वर्षों से पशुपालन विभाग में दे रहे हैं उन्हें अभी तक विभाग ने नियमित नहीं किया है जबकि हर एक विभाग में 2 वर्षों के बाद कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है जबकि पशुपालन विभाग में ऐसा नहीं हो रहा है जबकि पशु चिकित्सा सहायक पशुपालन विभाग की हर एक योजना को पशुपालकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं










