शिमला 26 अप्रैल ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय स्वाभिमान, विदेश नीति और आर्थिक हितों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
यहां जारी आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए केंद्र के साथ सहयोग आवश्यक है, लेकिन राष्ट्रीय संप्रभुता और देशहित के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने वरिष्ठ आरएसएस नेता राम माधव के हालिया बयानों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में रूस और ईरान जैसे पारंपरिक सहयोगियों से दूरी बनाना देश की आर्थिक स्वायत्तता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है।
साथ ही 50 प्रतिशत टैरिफ स्वीकार करने को उन्होंने देश के व्यापारिक हितों के खिलाफ बताया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार मजबूत नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक मंचों पर दबाव के आगे झुकना उसकी नीतियों के विरोधाभास को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि इन नीतियों का सीधा असर आम जनता, किसानों, बागवानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल सरकार राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राष्ट्रीय सम्मान, संप्रभुता और आर्थिक हितों को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना भी उसका दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।









