/निराशा नहीं, नई आशा जगाने का संदेश दे रहे ममनमोहन सिंह “दानिश”

निराशा नहीं, नई आशा जगाने का संदेश दे रहे ममनमोहन सिंह “दानिश”

सोलन( धर्मपुर)26 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /वर्मा

वरिष्ठ साहित्यकार मनमोहन सिंह “दानिश” ने समाज, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के बीच बढ़ती नकारात्मकता और निराशा पर चिंता व्यक्त करते हुए सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र को कमजोरी या हार मानने का कारण नहीं, बल्कि अनुभव और ऊर्जा के साथ जीवन को नए नजरिए से जीने का अवसर समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नागरिकों को निराश करने वाले संदेश, वीडियो और रीलें लगातार बढ़ रही हैं, जो लोगों को अवसाद की ओर धकेल रही हैं। ऐसे माहौल में उम्मीद और सकारात्मकता के मोती तलाशना जरूरी है।

मनमोहन सिंह “दानिश” ने कहा कि उम्र बढ़ना जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसे बहाना बनाकर जीवन से दूरी बना लेना उचित नहीं।

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे अपने पुराने मित्रों, साथियों और यादों के साथ जीवन के खुशनुमा पलों को जिएं, दिल जवान रखें और नकारात्मक सोच रखने वालों से दूरी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि बच्चों की अपनी जिंदगी है, उन्हें अपने तरीके से जीने देना चाहिए और अपनी खुशियों को दूसरों पर निर्भर न रखें। जीवन को हंसी, उम्मीद और आत्मनिर्भरता के साथ जीना ही वास्तविक आनंद है।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अगर जीने का अंदाज आ जाए तो जिंदगी बेहद खूबसूरत है और वरिष्ठ नागरिकों को निराशा नहीं, बल्कि नई आशा जगाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।