/पेप्सू टाइम से चले रामशहर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12 पद रिक्त,

पेप्सू टाइम से चले रामशहर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 12 पद रिक्त,

पंचायत जन प्रतिनिधियों ग्रामीणों में गहरा रोष

सोलन (रामशहर) 10 दिसंबर
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।

सोलन जिले में पेप्सू टाइम से चले आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामशहर में पिछले कई माह से 12 शिक्षकीय एवं प्रवक्ता पदों के रिक्त रहने से क्षेत्र की पाँच पंचायतों के ग्रामीणों में गहरा रोष है। यह पाठशाला पहाड़ी क्षेत्र की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है, जहाँ इस समय करीब 290 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और कई छात्र-छात्राएं मजबूरी में अन्य स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। पाठशाला में प्रिंसिपल, प्रवक्ता बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, कॉमर्स (बिजनेस/अकाउंट्स), टीजीटी, भाषा अध्यापक और पीटी सहित कुल 12 पद रिक्त हैं।

ग्रामीणों ने अपना आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व शिक्षा निदेशक शिमला से आग्रह किया है कि रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए, ताकि वार्षिक परीक्षाओं से पहले छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो और क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

रामशहर क्षेत्र के निवासी भगत राम, हीरालाल, विजय वर्मा, आर.पी. कोडल, मीना देवी, आसाराम, करमचंद, मेहर चंद, बाबूराम, अशोक कुमार, रक्षित वर्मा, जितेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, कमल कुमार, अशोक कुमार, राम सिंह, शेर सिंह, चनन दाता राम, जगदीश चंद, नवीन कुमार, रचना देवी, कमला देवी, मनोरमा देवी, लज्जा देवी, शांति देवी, किरण, भाग सिंह, रामपाल, मेघ राज, राजकुमार रावत, रमन, जितेंद्र, परमजीत राय, सुभाष सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य खतरे में है।

इसी तरह पंचायत प्रतिनिधि, पूर्व प्रतिनिधि, महिला एवं युवा संगठनों, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी—सर्व शक्ति संगम के अध्यक्ष, एमसी अध्यक्ष अनुराधा, पूर्व एसएमसी अध्यक्ष परश राम शर्मा, सुरेश कुमार, रतन लाल शर्मा, स्थानीय पंचायत प्रधान कृष्णा शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी एन.डी. शास्त्री, सहदेव वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक वर्मा, बालकिशन, कमल कुमार लंबरदार, सीता देवी, रचना देवी आदि ने भी प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो सरकार व विभाग के प्रति बढ़ रहा रोष और गहरा सकता है।